डिलीवरी के दिन नताली अचानक गिर पड़ती है। उसी पल बहन के फोन पर माँ उसे छोड़कर चली जाती है और पिता को अस्पताल वापस बुला लिया जाता है—मदद देर से पहुँचती है, नताली की माँ और बच्चे दोनों की मौत हो जाती है। बहन यह खबर दबा देती है, लेकिन एक पड़ोसी सच उजागर कर देता है। अब पछतावे और मातम में डूबा परिवार साथ मिलकर इस दर्द से कैसे उबरेगा।